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अन्ना के अनशन से जुड़े लोगों के तन मन

Posted On: 30 Aug, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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Anna Hazare पिछले एक हफ्ते से पूरे देश में यहां तक कि विदेशों में भी अन्ना की अन्नागिरी लोगों के सर चढ़ बोल रही है. लोग अपने आप को अन्ना साबित करने की खातिर हर तरह की गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं. वह अन्ना की भक्ति में इतने विलीन हो चुके हैं कि देश-दुनियां में क्या हो रहा है उन्हें कोई सुझ नहीं रहा. बस ‘अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे के साथ झुम रहे हैं. नौकरी, घरबार, तथा देश दुनियां की हलचल को छोड़ कर यह समर्थक अपना किमती समय अन्ना के नाम समर्पित कर चुका है.


पहले दिन से ही यह लोग अन्ना को भारी संख्या में समर्थन देते हुए दिखाई दिए. वह अपने आप को एक पल के लिए भी अन्ना से जुदा नहीं होने देना चाहते. क्या हो दिन क्या हो रात, क्या हो बारिश क्या हो धूप हर तरह के मौसम में अन्ना को दिल में लिए उनके जन लोकपाल को समर्थन करते हुए दिखाई दिए. उनका दिल केवल अन्ना और अन्ना के लिए धड़कता है. उनका तन, मन, और जुबान तीनों ही अन्ना के सुर में शामिल हो चुका है.


Anna Hazareअन्ना की एक हुंकार से यह समर्थक सांसदो और मंत्रियो के घर के आगे डेरा लगाकर बैठ जाते हैं. उनकी अहिंसावादी विचारधारा को अपने दिल से लगाकर इन्ही भ्रष्ट नेताओं और मंत्रियों को गुलाब का फुल और गुलदस्ता देते है. जब अन्ना कहते हैं कि हिंसा नहीं करना किसी व्यक्ति विशेष और देश की सम्पत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाना तो उनके समर्थक इसे पत्थर की लकीर समझ कर उसे अपने जीवन में उतार लेते हैं.


यह समर्थक उनसे इतना प्यार करते हैं कि उनके नाम की टोपी और झंड़े लिए सड़कों पर उतर आए है. उनको हिंदू धर्म के अनुसार राम और कृष्ण का दर्जा देते है जबकि देश को दीमक की तरह खोखला करने वाले भ्रष्टाचारियों को रावण और कंस का नाम देते हैं.


अन्ना का इतना बड़ा रुप देखकर देश के बड़े नेता भी आश्चर्यचकित हो रहे है. उन्हें इस बात का विश्वास नहीं हो रहा कि एक व्यक्ति जिसे जनता के जनसमूह में शामिल होने में कुछ ही महीने हुए हैं वह जनता के लिए देवता का रुप किस तरह ले सकता है. इसका एक ही जवाब हो सकता है वह है अन्ना का निष्पक्ष और ईमानदार व्यक्तित्व.



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Dr.KAILASH DWIVEDI के द्वारा
September 19, 2011

श्री शक्ति सिंह जी आपने सही लिखा है “अन्ना का निष्पक्ष और ईमानदार व्यक्तित्व के कारण ही उनको इतना व्यापक समर्थन मिला है | अच्छी पोस्ट हेतु बधाई |

    shaktisingh के द्वारा
    September 20, 2011

     कैलाश जी, अपना मत रखने के बहुत-बहुत शुक्रिया 

Ravindra K Kapoor के द्वारा
September 4, 2011

शक्तिजी मैं निशाजी की इस बात से पूर्णतः समर्तिथ हूँ कि ‘कि सही नेतृत्व को किराये की भीड़ या अनुयायी नहीं ढूँढने पड़ते’. दरअसल इस देश के लोगों को गांधीजी के बाद आज तक कोई ऐसा सच मानों में नेता नहीं मिला जिसपर वो अपनी आस्था रख सके और जब मिला है तो जन सैलाब दिलो जान से उस पर फ़िदा है क्योंकि जब चारों ओर अन्धकार हो तो एक रौशनी कि किरण दीवाना बना देने के लिए काफी होती है. सुभकामनाओं के साथ …रवीन्द्र

    shaktisingh के द्वारा
    September 5, 2011

    प्रतिक्रिया देने ले लिए आपको बधाई.

Rajkamal Sharma के द्वारा
September 1, 2011

सादगी + त्याग + उच्च चरित्र + राष्ट तथा समाज और देशवासियो के लिए निस्वार्थ भावना से करने का और सहने का जज्बा इन सब कारणों से एक आम आदमी को आना अपने से लगते है LONG LIVE OUR ANNA

    shaktisingh के द्वारा
    September 2, 2011

    विचार प्रकट करने के लिए ध्नन्यवाद

Santosh Kumar के द्वारा
August 30, 2011

शक्ति जी ,.नमस्कार ,.. जनता को मुसीबत में अन्नाजी जैसा जननेता मिला है ,..ये हमारा सौभाग्य है ,…उन लोगो को शर्म आनी चाहिए जो जनता को ही कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे थे ,..बढ़िया पोस्ट …धन्यवाद http://santo1979.jagranjunction.com/

    shaktisingh के द्वारा
    August 31, 2011

    संतोष जी, लेख पर विचार देने के लिए बहुत-बहुत सुक्रिया

nishamittal के द्वारा
August 30, 2011

ये समर्थन इस सत्य का परिचायक है,कि सही नेतृत्व को किराये की भीड़ या अनुयायी नहीं ढूँढने पड़ते.

    shaktisingh के द्वारा
    August 31, 2011

    निशा जी, विचार प्रकट करने के लिए ध्नन्यवाद


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