एक नजर इधर भी

एक ब्लॉग अपने देश के नाम

25 Posts

236 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 5235 postid : 60

अन्ना फैक्टर कांग्रेस की सबसे बड़ी सिरदर्दी

Posted On: 21 Oct, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

anna hazare factor against congress 2आज कल मीडिया पर खबरे आ रही हैं कि अन्ना हजारे राजनीति में आना चाहते हैं. वह अपने आप को आगे राष्ट्रपति के रूप में देखना चाहते हैं. हिसार में होने वाले उपचुनाव में अन्ना की टीम की भूमिका के बाद मीडिया ने उनसे संबंधित खबरों को प्राइम टाइम में जगह दी है. चैनलों पर विभिन्न तरह के चर्चा और परिचर्चा का आयोजन भी कर रहे हैं. भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में अन्ना का तत्परता के साथ सक्रिय होना उनके विरोधियों को फूटी आंख नहीं सुहा रहा. वह अन्ना को लेकर हर तरह के राजनीतिक दांव-पेंच खेल रहे हैं. उन पर कभी आरोप के तीर छोड़ रहे हैं तो कभी प्यार के फूल बरसा रहे हैं.


अन्ना टीम ने हिसार संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस विरोधी अभियान छेड़ा. इससे अन्ना की टीम को काफी फायदा भी पहुंचा. कांग्रेस की तरफ से जो उम्मीदवार हिसार में अपना भाग्य अजमा रहे थे वह न केवल भारी वोटों से हारे बल्कि उनकी जमानत रद्द हो गई. इस उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की जो फजीहत हुई ऐसा तो उनके विरोधियों ने भी नहीं सोचा था.


कांग्रेस का यह हाल इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस ने लोकपाल बिल को लेकर अपने कर्तव्य को पूरा नही किया. कांग्रेस ने आजादी के बाद से सत्ता पर कई बार अपने आप को काबिज किया. अगर वह चाहती तो कब का इस बिल को पास कराकर कानून का रूप देती लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.


कुछ विश्लेषकों का मानना है अन्ना हिसार उपचुनाव में अपने आप को सक्रिय करके, जो उन्होंने अभियान छेड़ा है, उसको शिथिल नहीं बानाना चाहते थे. वह नहीं चाहते थे कि भ्रष्टाचार को लेकर जो उन्होंने लोगों के अंदर चेतना जगाई है फिर से ठंडे बस्ते में चला जाए.


हिसार उपचुनाव के लिए मतदान किए चुके हैं उसका परिणाम भी आ चुका है. अन्ना और उनकी टीम ने अपना कार्य कर दिया. अपनी चुनाव संबंधित रणनीति और लोकपाल के मुद्दे को लेकर हिसार क्षेत्र के माध्यम से पूरे देश की जनता में चेतना जगा चुके हैं. sहिसार के चुनाव में अन्ना का फैक्टर काम कर चुका है. आने वाले समय में तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उन तीनों राज्यों में कांग्रेस की कोई खास स्थति नहीं है. यदि अन्ना की टीम ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया तो कांग्रेस की रही-सही साख भी समाप्त हो जाएगी.




Tags:         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

22 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ritesh Chaudhary के द्वारा
April 13, 2012

बहुत खूब सुन्दर प्रस्तुति

    shaktisingh के द्वारा
    April 17, 2012

    रितेश जी धन्यवाद

November 17, 2011

शक्ति जी ! बहुत बढ़िया राजनाइटिक विश्लेषण किया है आपने अन्ना के साथ कांग्रेस पार्टी का। लेकिन यह अन्ना प्रभाव का असर अब कुछ कम हो रहा है॥क्यूँ की जनता और मीडिया बहुत दिन तक किसी मुद्दे को याद नहीं रख पाते…बहुत अच्छा पुनः बधाई हो !!

    shaktisingh के द्वारा
    November 17, 2011

    सूर्या जी, प्रतिक्रिया देने के लिए आपका धन्यवाद

syeds के द्वारा
October 24, 2011

शक्ति जी, सत्ताधारी दल होने के नाते कांग्रेस की परेशानी ज्यादा है…वैसे बीतर से खुश कोई भी राजनीतिक दल/नेता नहीं है… http://syeds.jagranjunction.com

sumandubey के द्वारा
October 23, 2011

शक्ति जी नमस्कार , कांग्रेस का ही क्या सारी राजनीतीक पार्टियों का ही बुरा हाल है .आपको दीपावली की शुभकामना .

    shaktisingh के द्वारा
    October 24, 2011

    सुमन जी नमस्कार. जैसा कि मेरा लेख कांग्रेस विशेष पर है इसलिए मैने कांग्रेस के बारे में लिखा है. आपकी बात से मै पूरी तरह से सहमत हु. सब पार्टियों पर भारी पड़ रहे हैं अन्ना आपको भी दीपावली की शुभकामना

akraktale के द्वारा
October 23, 2011

शक्ति जी नमस्कार, सिर्फ हिसार से काम नहीं चलेगा, सदैव से भारतीय राजनीति की परीक्षा का केंद्र उत्तर प्रदेश ही रहा है इसलिए हमारे मन के सारे सवालों का उत्तर भी यहीं से मिलेगा. अन्ना ने मौन रखकर अपना आत्म मंथन तो कर लिया अब पूरी टीम भी मौन रखकर आत्म मंथन करे फिर अभियान में जुट जाए.किन्तु इस प्रश्न का उत्तर उन्हें देना ही होगा की क्या एक भ्रष्ट को हटाकर दूसरा भ्रष्ट बैठाना क्या उचित होगा?

    shaktisingh के द्वारा
    October 24, 2011

    रकतले जी सादर प्रणाम, यह तो केवल अभियान की शुरआत है या फिर कहे कांग्रेस को खुलेआम चेतावनी है. जिसे कांग्रेस को हल्के में नहीं लेना चाहिए.नहीं तो इसका परिणाम आने वाले चुनाव में देखा जा सकता है. दीपावली की शुभकामना

Rajkamal Sharma के द्वारा
October 22, 2011

प्रिय शक्ति जी ….. सप्रेम नमस्कार ! बुराई हारे यह हम सभी चाहते है लेकिन उसके मुकाबले में भी क्या बुराई ही जितनी चाहिए ? अच्छाई आखिर थी ही कहाँ ? क्या किसी ने भी यह कहा की फला उम्मीदवार ईमानदार है उसको अपना कीमती वोट दो …… मेरी अग्रिम शुभकामनाये और मुबारकबाद दीपावली की सपरिवार बधाईयां और मुबारकबाद :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o

    shaktisingh के द्वारा
    October 24, 2011

    राजकमल जी आपको मेरा नमस्कार अगर हम बुराई के बड़े मच्छर को मार देंगे तो छोटे मच्छर अपने आप मर जाएगे. कांगेस बुराई की सबसे बड़ी मच्छर है जो कई सालों से जनता का खून चुस रही है. आपकी दीपावली शुभ रहे यह मेरी कामना.

bharodiya के द्वारा
October 22, 2011

शक्तिभाई नमस्कार अन्ना राष्ट्रपति बनना चाहे या न चाहे कोइ उसे बनाने की हिम्मत नही करेगा । राष्ट्रपति का मटिरियल रबर जैसा स्थितिस्थापक होना चाहिये, जो अन्ना में नही है । उस में से कोइ रबर-स्टेंप नही बना सकता । ज्यादा जानकारी के लिए हमारे सस्से से मिलिए । http://bharodiya.jagranjunction.com/2011/10/20/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A5%A4/

    shaktisingh के द्वारा
    October 24, 2011

    भरोदिया जी प्रणाम, लगता है कि आपने अन्ना को नजदिकी से परखा है. दीपावली की सुभकामनाएं

Santosh Kumar के द्वारा
October 21, 2011

प्रिय शक्ति जी ,.नमस्कार आपने बिलकुल ठीक बात की है ,…यदि यही हाल रहा तो कांग्रेस बुरी तरह से हारेगी ,.लेकिन यह राजनीति है ..इंतज़ार तो करना होगा ..

    Santosh Kumar के द्वारा
    October 21, 2011

    आपको दीपावली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाये

    shaktisingh के द्वारा
    October 22, 2011

    संतोष जी आपको नमन सबसे पहले तो आप जागरण के सक्रिय सदस्य है उसके लिए आपको बधाई, दूसरे आपने प्रतिक्रिया दी उसके लिए आपको धन्यवाद, तीसरे आपको भी आने वाले दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए शक्ति सिंह

Abdul Rashid के द्वारा
October 21, 2011

कहते है राजनीति और क्रिकेट में कुछ भी कहना जल्दबाजी में ठीक नहीं अब देखना है जनता का मूड कौन सा करवट लेता है किसी भी सूरत में अगर भ्रसटाचार समाप्त होता है तो वह देश और जनता दोनों के हक में होगा सुन्दर रचना दीपावली की हार्दिक सुभकामनाओ के साथ सप्रेम अब्दुल रशीद http://www.singrauli.jagranjunction.com

    shaktisingh के द्वारा
    October 22, 2011

    अब्दुल रशीद जी विचार प्रकट करने के लिए आपको धन्यवाद आपकी भी दीपावली शुभ और मंगल हो ऐसी मेरी है आपको शुभकामनाएं

Lahar के द्वारा
October 21, 2011

शक्ति जी सप्रेम नमस्कार आपने सही कहा अगर कांग्रेस चाहती तो लोकपाल को कानून बनाकर जनता के सामने एक भ्रष्टाचार से लड़ने वाली एक शसक्त पार्टी के रूप में अपनी छवि प्रदर्शित कर सकती थी लेकिन कांग्रेस को तोड़ने वाले खुद उनकी पार्टी के लोग ही है | कभी दिग्विजय सिंह के उलटे सीधे बयान आते है तो कभी मनीष तिवारी के | कांग्रेस ने लोकपाल को विरोधी पार्टी की तरह ले लिया है जिसका उसे हर हाल में विरोध करना है | टीम अन्ना ने के विरोध से कांग्रेस की चुनाव में दुर्दशा तो जरुर होगी लेकिन अन्ना का जन समर्थन भी कम होगा | क्योकि भारत का मुस्लिम वर्ग भाजपा में जा नहीं सकता है उसके पास एक ही विकल्प होता है कांग्रेस | और अन्ना का कांग्रेस विरोध मुस्लिम समाज को टीम अन्ना से दूर ले जायेगा |

    shaktisingh के द्वारा
    October 22, 2011

    मित्र लहर जी आपको मेरा प्रणाम, आपकी यह राय सार्थक राय है, मेरी तरफ से आपको दीपावली की शुभकामनाएं

sarferaz alam के द्वारा
October 21, 2011

भाई शक्ति जी बात तो सही पर अन्ना जी द्वारा चलाये जा रहे कांग्रेस विरोधी अभियान को ना काफी बताते हुए कांग्रेस के साथ अन्य राजनितिक दल भी भ्रष्टाचार के मुद्दे को जनता के ध्यान हटाते हुए जातिवाद पर आधारित अपने अपने वोट की राजनीती गर्माने लगे हैं|

    shaktisingh के द्वारा
    October 22, 2011

    आलम जी, आपकी राय से मै पूरी तरह् से सहमत हु. कोई भी राजनीति दल दूध से धुला नहीं है.


topic of the week



latest from jagran